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उत्तर-पश्चिमी भारत में रबी की फसले बोने वाले किसानो को किस प्रकार के चक्रवातों से वर्षा प्राप्त होती है? वे चक्रवात कहाँ उत्पन्न होते हैं?

 प्रश्न।

उत्तर-पश्चिमी भारत में रबी की फसले बोने वाले किसानो को किस प्रकार के चक्रवातों  से वर्षा प्राप्त होती है? वे चक्रवात कहाँ उत्पन्न होते हैं?

(अध्याय -4 जलवायु  , कक्षा 11 NCERT भूगोल "भारत भौतिक पर्यावरण")

उत्तर।

पश्चिमी विक्षोभ ( चक्रवातों) के कारण उत्तर-पश्चिमी भारत में रबी की फसले बोने वाले किसानो को सर्दियों के दौरान वर्षा प्राप्त होती है। ये चक्रवात भूमध्य सागर या कैस्पियन सागर में उत्पन्न होते हैं।


पश्चिमी विक्षोभ एक अतिरिक्त उष्णकटिबंधीय चक्रवात या समशीतोष्ण चक्रवात है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर-पश्चिमी भारत में सर्दियों के मौसम में गैर-मानसून वर्षा होती है और उत्तर-पश्चिमी भारत में रबी की फसले बोने वाले किसानो को वर्षा देकर लाभ पहुँचाती हैं। चूंकि समशीतोष्ण चक्रवात देश के उत्तर-पश्चिमी भाग से आते हैं और यह उत्तरी मैदान की सुखद जलवायु को अस्त-व्यस्त कर देता है, इसीलिए इसे पश्चिमी विक्षोभ कहा जाता है।


पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर या कैस्पियन सागर के पास उत्पन्न होता है और यह पूर्व की ओर पश्चिम एशिया, ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से होते हुए फिर भारत में प्रवेश करता है।

cyclones cause rainfall in north-western India during winter

भारत में पश्चिमी विक्षोभ आने के दो कारण हैं:

भूमध्य सागर और कैस्पियन सागर की तुलना में गंगा के मैदानी इलाकों में कम वायुमंडलीय दबाव होता है। इसलिए हवाएँ उच्च वायुमंडलीय दबाव ( भूमध्य सागर ) से निम्न वायुमंडलीय दबाव  ( गंगा के मैदानी इलाकों) की ओर चलती हैं।

ऊपरी वायुमंडलीय परिसंचरण में, सर्दियों के मौसम के दौरान, पश्चिमी जेट धारा भूमध्य सागर से सिंधु-गंगा के मैदानों की ओर चलती है। पश्चिमी जेट धारा  भारत में पश्चिमी विक्षोभ को आने में मदत करती हैं। 


कैस्पियन सागर और फारस की खाड़ी पश्चिमी विक्षोभ के प्रमुख नमी प्रदाता हैं जो भारतीय उपमहाद्वीप में वर्षा का कारण बनते हैं।

सर्दियों के दौरान उत्तरी मैदान पश्चिमी विक्षोभ आने से पहले रात का तापमान बढ़ जाता है यह पश्चिमी विक्षोभ आने का पूर्व संकेत देती है।


भारत में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव:

उत्तरी मैदानो में ठण्ड बढ़ जाती है।

रबी की फसलों जैसे गेहूँ, चना, मटर, आलू आदि के लिए शीतकाल की वर्षा लाभकारी होती है।

हिमालय के पहाड़ी क्षेत्रो जैसे जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, लदाख , उत्तराखंड आदि में हिम पात होता हैं। 

पश्चिमी विक्षोभ अपने साथ वर्षा के साथ साथ धूल-कण लाती है जिससे दिल्ली के आस पास क्षेत्र में धुआँसा और कोहरा बढ़ जाता है। 


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